पंचांग एवं मुहूर्त

पंचांग: 1 नवंबर 2026 (नई दिल्ली)

  • वार: रविवार
  • पक्ष: कृष्ण पक्ष
  • माह: कार्तिक (विक्रम संवत 2083)
  • तिथि: सप्तमी (सायं 04:52 PM तक, इसके बाद अष्टमी तिथि आरंभ)
  • विशेष महासंयोग: रवि पुष्य योग (प्रातः 10:12 AM से अगले दिन सूर्योदय तक — सोना, भूमि, भवन एवं शुभ खरीदारी हेतु महामुहूर्त), भानु सप्तमी (दिन में), अहोई अष्टमी व्रत (सायं काल एवं रात्रि व्यापिनी तारा दर्शन पूजन)
  • नक्षत्र: पुनर्वसु (प्रातः 10:12 AM तक, उपरांत पुष्य नक्षत्र)
  • योग: साध्य (प्रातः 07:34 AM तक, उपरांत शुभ योग)
  • करण: बव (प्रातः 05:44 AM तक), बालव (सायं 04:52 PM तक, उपरांत कौलव)

सूर्योदय एवं सूर्यास्त

  • सूर्योदय: प्रातः 06:34 AM
  • सूर्यास्त: सायं 05:35 PM
  • चन्द्रोदय: रात्रि 11:31 PM
  • चन्द्रास्त: दोपहर 01:05 PM (2 नवंबर)
  • सूर्य राशि: तुला
  • चन्द्र राशि: कर्क (प्रातः 03:38 AM से चंद्रमा स्वराशि कर्क में संचरण कर रहे हैं)

शुभ एवं अशुभ मुहूर्त

  • रवि पुष्य महायोग: प्रातः 10:12 AM से 2 नवंबर प्रातः 06:35 AM तक (समस्त प्रकार के निवेश, बहीखाता क्रय, वाहन, आभूषण व संपत्ति की खरीदारी का अक्षय फलदायी समय)
  • अहोई अष्टमी तारा दर्शन एवं पूजा समय: सायं 05:58 PM से 07:16 PM के मध्य
  • अभिजीत मुहूर्त: पूर्वाह्न 11:42 AM से दोपहर 12:26 PM तक (दिन का सर्वश्रेष्ठ शुभ समय)
  • विजय मुहूर्त: दोपहर 01:54 PM से 02:38 PM तक
  • गोधूलि मुहूर्त: सायं 05:35 PM से 06:01 PM तक
  • अमृत काल: अर्धरात्रि 03:45 AM से प्रातः 05:18 AM (2 नवंबर)
  • राहुकाल (अशुभ समय): सायं 04:12 PM से 05:35 PM तक
  • यमगण्ड: दोपहर 12:04 PM से 01:27 PM तक
  • गुलिक काल: दोपहर 02:49 PM से सायं 04:12 PM तक

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पंचांग एवं मुहूर्त

पंचांग: 31 अक्टूबर 2026 (नई दिल्ली)

  • वार: शनिवार
  • पक्ष: कृष्ण पक्ष
  • माह: कार्तिक (विक्रम संवत 2083)
  • तिथि: षष्ठी (सायं 06:42 PM तक, इसके बाद सप्तमी तिथि आरंभ)
  • विशेष: स्कंद षष्ठी व्रत (भगवान कार्तिकेय पूजन), शनिवार शनि देव एवं पीपल दीपदान, अहोई अष्टमी व्रत पूर्व तैयारी
  • नक्षत्र: आर्द्रा (प्रातः 10:48 AM तक, उपरांत पुनर्वसु नक्षत्र)
  • योग: सिद्ध (प्रातः 06:55 AM तक शिव योग, उपरांत सिद्ध योग)
  • करण: वणिज (प्रातः 07:41 AM तक), विष्टि/भद्रा (सायं 06:42 PM तक, उपरांत बव)

सूर्योदय एवं सूर्यास्त

  • सूर्योदय: प्रातः 06:33 AM
  • सूर्यास्त: सायं 05:36 PM
  • चन्द्रोदय: रात्रि 10:24 PM
  • चन्द्रास्त: दोपहर 12:05 PM (1 नवंबर)
  • सूर्य राशि: तुला
  • चन्द्र राशि: मिथुन

शुभ एवं अशुभ मुहूर्त

  • अभिजीत मुहूर्त: पूर्वाह्न 11:42 AM से दोपहर 12:26 PM तक (दिन का सर्वश्रेष्ठ शुभ समय)
  • विजय मुहूर्त: दोपहर 01:55 PM से 02:39 PM तक
  • गोधूलि मुहूर्त: सायं 05:36 PM से 06:02 PM तक
  • अमृत काल: अर्धरात्रि 01:12 AM से 02:44 AM (1 नवंबर)
  • राहुकाल (अशुभ समय): प्रातः 09:19 AM से 10:43 AM तक
  • यमगण्ड: दोपहर 01:30 PM से 02:54 PM तक
  • गुलिक काल: प्रातः 06:33 AM से 07:56 AM तक

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पंचांग एवं मुहूर्त

पंचांग: 30 अक्टूबर 2026 (नई दिल्ली)

  • वार: शुक्रवार
  • पक्ष: कृष्ण पक्ष
  • माह: कार्तिक (विक्रम संवत 2083)
  • तिथि: पंचमी (रात्रि 08:41 PM तक, इसके बाद षष्ठी तिथि आरंभ)
  • विशेष: कार्तिक कृष्ण पंचमी, शुक्रवार वैभव लक्ष्मी व्रत, स्कंद षष्ठी व्रत पूर्वसंध्या
  • नक्षत्र: मृगशिरा (पूर्वाह्न 11:38 AM तक, उपरांत आर्द्रा नक्षत्र)
  • योग: शिव (प्रातः 06:14 AM तक परिघ, उपरांत शिव योग)
  • करण: तैतिल (प्रातः 09:47 AM तक), उपरांत गर (रात्रि 08:41 PM तक, उपरांत वणिज)

सूर्योदय एवं सूर्यास्त

  • सूर्योदय: प्रातः 06:32 AM
  • सूर्यास्त: सायं 05:37 PM
  • चन्द्रोदय: रात्रि 09:16 PM
  • चन्द्रास्त: पूर्वाह्न 11:02 AM (31 अक्टूबर)
  • सूर्य राशि: तुला
  • चन्द्र राशि: मिथुन

शुभ एवं अशुभ मुहूर्त

  • अभिजीत मुहूर्त: पूर्वाह्न 11:42 AM से दोपहर 12:27 PM तक (दिन का सर्वश्रेष्ठ शुभ समय)
  • विजय मुहूर्त: दोपहर 01:55 PM से 02:40 PM तक
  • गोधूलि मुहूर्त: सायं 05:37 PM से 06:03 PM तक
  • अमृत काल: अर्धरात्रि 01:45 AM से 03:16 AM (31 अक्टूबर)
  • राहुकाल (अशुभ समय): पूर्वाह्न 10:41 AM से दोपहर 12:04 PM तक
  • यमगण्ड: दोपहर 02:50 PM से सायं 04:14 PM तक
  • गुलिक काल: प्रातः 07:55 AM से 09:18 AM तक

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Japtapooja
धार्मिक ज्ञान एवं पर्व, पंचांग एवं मुहूर्त

करवा चौथ 2026: प्रमुख शहरों में चंद्रोदय का समय (29 अक्टूबर)

शहरअपेक्षित चंद्रोदय समय
कोलकातासायं 07:47 PM
पटनासायं 07:52 PM
लखनऊ / अयोध्यारात्रि 08:06 PM
चंडीगढ़रात्रि 08:12 PM
नई दिल्लीरात्रि 08:12 PM से 08:17 PM
नोएडा / गाजियाबादरात्रि 08:16 PM
गुरुग्राम / फरीदाबादरात्रि 08:18 PM
जयपुररात्रि 08:28 PM
भोपालरात्रि 08:31 PM
अहमदाबादरात्रि 08:52 PM
बेंगलुरुरात्रि 08:55 PM
मुंबईरात्रि 09:00 PM
महत्वपूर्ण टिप्पणी: पंचांगीय गणना के अनुसार दिल्ली में चंद्रमा का उदय रात्रि 08:12 PM पर होगा। स्थानीय भवनों की ऊंचाई, धुंध और क्षितिज की स्थिति के अनुसार आकाश में प्रत्यक्ष चंद्र दर्शन 08:12 PM से 08:18 PM के बीच सुगमता से हो जाएगा। व्रती महिलाएं 08:12 PM के उपरांत अर्घ्य की तैयारी पूर्ण रखें

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पंचांग एवं मुहूर्त

पंचांग: 29 अक्टूबर 2026 (नई दिल्ली)

  • वार: गुरुवार
  • पक्ष: कृष्ण पक्ष
  • माह: कार्तिक (विक्रम संवत 2083)
  • तिथि: चतुर्थी (रात्रि 10:52 PM तक, इसके बाद पंचमी तिथि आरंभ)
  • विशेष पर्व: करवा चौथ (करक चतुर्थी) — अखंड सौभाग्य व्रत, वक्रतुंड संकष्टी चतुर्थी व्रत
  • नक्षत्र: मृगशिरा (दोपहर 12:44 PM तक रोहिणी नक्षत्र, उपरांत मृगशिरा नक्षत्र)
  • योग: परिघ (प्रातः 05:48 AM तक वरीयान, उपरांत परिघ योग)
  • करण: बालव (पूर्वाह्न 11:58 AM तक), उपरांत कौलव (रात्रि 10:52 PM तक, उपरांत तैतिल)

सूर्योदय एवं सूर्यास्त

  • सूर्योदय: प्रातः 06:31 AM
  • सूर्यास्त: सायं 05:38 PM
  • करवा चौथ चंद्रोदय समय (नई दिल्ली): रात्रि 08:12 PM (विभिन्न शहरों में स्थानीय समयानुसार 5–10 मिनट का अंतर संभव)
  • चन्द्रास्त: प्रातः 09:56 AM (30 अक्टूबर)
  • सूर्य राशि: तुला
  • चन्द्र राशि: वृषभ (अर्धरात्रि 12:40 AM, 30 अक्टूबर तक, उपरांत मिथुन)

शुभ एवं अशुभ मुहूर्त

  • करवा चौथ पूजन का सर्वश्रेष्ठ मुहूर्त: सायं 05:38 PM से 06:56 PM तक (अवधि: 1 घंटा 18 मिनट)
  • अभिजीत मुहूर्त: पूर्वाह्न 11:42 AM से दोपहर 12:27 PM तक (दिन का सर्वश्रेष्ठ शुभ समय)
  • विजय मुहूर्त: दोपहर 01:56 PM से 02:40 PM तक
  • गोधूलि मुहूर्त: सायं 05:38 PM से 06:04 PM तक
  • अमृत काल: प्रातः 07:18 AM से 08:48 AM तक
  • राहुकाल (अशुभ समय): दोपहर 01:28 PM से 02:52 PM तक
  • यमगण्ड: प्रातः 06:31 AM से 07:54 AM तक
  • गुलिक काल: प्रातः 09:18 AM से 10:42 AM तक

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पंचांग एवं मुहूर्त

पंचांग: 28 अक्टूबर 2026 (नई दिल्ली)

  • वार: बुधवार
  • पक्ष: कृष्ण पक्ष
  • माह: कार्तिक (विक्रम संवत 2083)
  • तिथि: तृतीया (अर्धरात्रि 01:07 AM, 29 अक्टूबर तक, इसके बाद चतुर्थी तिथि आरंभ)
  • विशेष महायोग: सर्वार्थ सिद्धि योग (दोपहर 01:26 PM से 29 अक्टूबर प्रातः 06:31 AM तक), करवा चौथ व्रत की पूर्व संध्या, जया तिथि
  • नक्षत्र: कृत्तिका (दोपहर 01:26 PM तक, उपरांत रोहिणी नक्षत्र)
  • योग: व्यतीपात (प्रातः 07:18 AM तक, उपरांत वरीयान योग)
  • करण: वणिज (दोपहर 02:37 PM तक), उपरांत विष्टि/भद्रा (अर्धरात्रि 01:07 AM तक, उपरांत बव)

सूर्योदय एवं सूर्यास्त

  • सूर्योदय: प्रातः 06:30 AM
  • सूर्यास्त: सायं 05:39 PM
  • चन्द्रोदय: सायं 07:11 PM
  • चन्द्रास्त: प्रातः 08:46 AM (29 अक्टूबर)
  • सूर्य राशि: तुला
  • चन्द्र राशि: वृषभ (उच्च राशि)

शुभ एवं अशुभ मुहूर्त

  • सर्वार्थ सिद्धि योग: दोपहर 01:26 PM से अगले दिन सूर्योदय (प्रातः 06:31 AM) तक
  • अभिजीत मुहूर्त: कोई नहीं (बुधवार के दिन अभिजीत मुहूर्त मान्य नहीं होता)
  • विजय मुहूर्त: दोपहर 01:56 PM से 02:40 PM तक
  • गोधूलि मुहूर्त: सायं 05:39 PM से 06:05 PM तक
  • अमृत काल: पूर्वाह्न 11:15 AM से दोपहर 12:42 PM तक
  • राहुकाल (अशुभ समय): दोपहर 12:04 PM से 01:28 PM तक
  • यमगण्ड: प्रातः 07:53 AM से 09:17 AM तक
  • गुलिक काल: प्रातः 10:41 AM से दोपहर 12:04 PM तक

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पंचांग एवं मुहूर्त

पंचांग: 27 अक्टूबर 2026 (नई दिल्ली)

  • वार: मंगलवार
  • पक्ष: कृष्ण पक्ष
  • माह: कार्तिक
  • तिथि: द्वितीया (दोपहर 12:08 PM तक, इसके बाद तृतीया तिथि आरंभ)
  • विशेष: भौम व्रत, रोहिणी व्रत, करवा चौथ व्रत की पूर्व तैयारी / संकल्प
  • नक्षत्र: कृत्तिका (सायं 06:48 PM तक, उपरांत रोहिणी नक्षत्र)
  • योग: वरीयान (प्रातः 06:22 AM तक, उपरांत परिघ योग)
  • करण: गर (दोपहर 12:08 PM तक), वणिज (अर्धरात्रि 10:48 PM तक, उपरांत विष्टि/भद्रा)

सूर्योदय एवं सूर्यास्त

  • सूर्योदय: प्रातः 06:31 AM
  • सूर्यास्त: सायं 05:41 PM
  • चन्द्रोदय: रात्रि 08:26 PM
  • चन्द्रास्त: पूर्वाह्न 11:42 AM (28 अक्टूबर)
  • सूर्य राशि: तुला
  • चन्द्र राशि: वृषभ (उच्च राशि)

शुभ एवं अशुभ मुहूर्त

  • अभिजीत मुहूर्त: पूर्वाह्न 11:42 AM से दोपहर 12:27 PM तक (दिन का सर्वश्रेष्ठ शुभ समय)
  • विजय मुहूर्त: दोपहर 01:56 PM से 02:41 PM तक
  • गोधूलि मुहूर्त: सायं 05:41 PM से 06:06 PM तक
  • अमृत काल: दोपहर 03:52 PM से सायं 05:22 PM तक
  • राहुकाल (अशुभ समय): दोपहर 02:54 PM से सायं 04:18 PM तक
  • यमगण्ड: प्रातः 09:18 AM से 10:42 AM तक
  • गुलिक काल: दोपहर 12:06 PM से 01:30 PM तक

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धार्मिक ज्ञान एवं पर्व

शरद पूर्णिमा 2026: अमृत वर्षा की रात्रि, कोजागरी लक्ष्मी पूजा विधि, खुले आसमान में खीर रखने का सही समय और धन वर्षा के अचूक उपाय

सनातन धर्म में आश्विन मास के शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा को शरद पूर्णिमा, कोजागरी पूर्णिमा और रास पूर्णिमा के नाम से जाना जाता है। पूरे वर्ष में केवल इसी दिन चंद्रमा अपनी सभी 16 कलाओं से परिपूर्ण होकर पृथ्वी पर अपनी शीतल एवं अमृतमयी किरणों की वर्षा करता है।

धार्मिक मान्यता है कि इसी पावन रात्रि को माता महालक्ष्मी स्वयं बैकुंठ लोक से पृथ्वी पर उतरती हैं और घर-घर जाकर यह देखती हैं कि—“को जाग्रति?” (अर्थात, कौन जाग रहा है?)। जो जातक इस रात्रि में जागकर माँ लक्ष्मी और भगवान विष्णु की उपासना करते हैं, उनके घर में दरिद्रता का समूल नाश होकर अटूट धन-धान्य और ऐश्वर्य का वास होता है। इसके साथ ही भगवान श्रीकृष्ण ने भी इसी दिव्य रात्रि को वृंदावन में गोपियों के साथ महारास रचाया था।

शरद पूर्णिमा 2026: शुभ तिथि एवं मुहूर्त

  • पूर्णिमा तिथि का आरंभ: 24 अक्टूबर 2026, सायं 07:54 PM से
  • पूर्णिमा तिथि की समाप्ति: 25 अक्टूबर 2026, सायं 05:23 PM तक
  • चंद्रोदय समय (24 अक्टूबर): सायं 05:58 PM
  • कोजागरी लक्ष्मी पूजन एवं निशीथ काल मुहूर्त: रात्रि 11:40 PM से 12:31 AM (25 अक्टूबर मध्यरात्रि)
  • चंद्रमा की रोशनी में खीर रखने का समय: 24 अक्टूबर रात्रि 09:00 PM से लेकर मध्यरात्रि 01:00 AM के मध्य

(शास्त्रानुसार शरद पूर्णिमा की रात्रि व्यापिनी साधना, कोजागरी जागरण और खुले आकाश के नीचे अमृतमयी खीर रखने का विधान 24 अक्टूबर की रात्रि को ही संपन्न किया जाएगा। स्नान-दान की पूर्णिमा 25 अक्टूबर को उदया तिथि में मान्य रहेगी।)

चंद्रमा की रोशनी में खीर रखने का वैज्ञानिक व आध्यात्मिक रहस्य

शरद पूर्णिमा की रात्रि में चंद्रमा पृथ्वी के सबसे निकट होता है। शास्त्रों के अनुसार इस दिन चंद्र किरणों में विशेष औषधीय और रसायन युक्त गुण विद्यमान होते हैं:

  1. पात्र और सामग्री का चयन: खीर सदैव गाय के शुद्ध दूध, चावल और मिश्री (या खांड) से तैयार करें। इसमें केसर और इलायची अवश्य डालें।
  2. खीर रखने की विधि: खीर को कांच, मिट्टी या चांदी के खुले बर्तन में रखें। बर्तन को किसी धातु के भारी ढक्कन से न ढकें, बल्कि केवल एक महीन जालीदार छलनी या साफ सफेद सूती कपड़े से ढकें ताकि चंद्र किरणें सीधे खीर पर पड़ सकें।
  3. स्थान: इसे घर की छत, बालकनी या ऐसे खुले स्थान पर रखें जहाँ चंद्रमा की सीधी धवल रोशनी पड़ती हो।
  4. स्वास्थ्य लाभ: मध्यरात्रि के बाद अथवा अगली सुबह ब्रह्म मुहूर्त में खाली पेट इस खीर का सेवन करने से शरीर का पित्त दोष शांत होता है, नेत्र ज्योति बढ़ती है और श्वास/दमा जनित विकारों में चमत्कारी लाभ मिलता है।

कोजागरी महालक्ष्मी पूजन विधि (सरल एवं प्रामाणिक)

  1. स्थान शुद्धि एवं चौकी: घर के ईशान कोण (उत्तर-पूर्व) या पूजा स्थल पर लाल अथवा पीले रंग का स्वच्छ वस्त्र बिछाएं।
  2. प्रतिमा स्थापना: भगवान श्रीहरि विष्णु और माता महालक्ष्मी की संयुक्त तस्वीर अथवा विग्रह स्थापित करें।
  3. अभिषेक व श्रृंगार: माता लक्ष्मी को गंगाजल से स्नान कराएं, लाल चुनरी, सिन्दूर, रोली, अक्षत, इत्र और सुगंधित लाल/गुलाबी कमल पुष्प अर्पित करें।
  4. दीपक प्रज्वलन: पूजा वेदी पर गाय के शुद्ध घी का एक बड़ा अखंड दीपक और चौमुखी दीपक जलाएं।
  5. मंत्र जप व स्तोत्र पाठ: इस रात्रि को ‘श्री सूक्त’, ‘कनकधारा स्तोत्र’ और ‘विष्णु सहस्रनाम’ का पाठ करना कई गुना अधिक फलदायी माना गया है।
    • महालक्ष्मी महामंत्र: ॐ श्रीं ह्रीं क्लीं श्री सिद्ध लक्ष्म्यै नमः॥ (कमल गट्टे की माला से 108 बार जपें)।
  6. भोग अर्पण: खीर, मखाना, बताशे और मौसमी फलों का भोग लगाएं और आरती संपन्न करें।

शरद पूर्णिमा पर धन वृद्धि के 4 अचूक उपाय

  • 1. कौड़ी और चांदी का सिक्का तिजोरी में रखें: पूजा के समय माता लक्ष्मी के चरणों में 5 पीली कौड़ियां और एक चांदी का सिक्का रखें। रात्रि जागरण के बाद अगली सुबह इन्हें एक लाल रेशमी कपड़े में बांधकर अपनी तिजोरी या गल्ले में रख दें; वर्ष भर धन का अभाव नहीं होगा।
  • 2. कच्चे दूध का चंद्र अर्घ्य: रात्रि में चंद्रमा को तांबे के अलावा अन्य किसी पात्र (जैसे चांदी या पीतल) में शुद्ध जल, कच्चा गाय का दूध, सफेद चंदन और अक्षत मिलाकर ॐ सों सोमाय नमः बोलते हुए अर्घ्य दें। इससे मानसिक तनाव दूर होता है और चंद्र ग्रह मजबूत होता है।
  • 3. अखंड सौभाग्य हेतु सुहाग दान: सुहागिन महिलाएं इस दिन संध्या काल में किसी योग्य ब्राह्मणी या वृद्ध महिला को सुहाग की वस्तुएं और खीर भेंट करें।
  • 4. तुलसी जी के समक्ष दीपदान: शरद पूर्णिमा की शाम तुलसी के पौधे के नीचे शुद्ध घी का दीपक जलाएं और 11 परिक्रमा करें, इससे घर में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।

शरद पूर्णिमा 2026: अमृत वर्षा की रात्रि, कोजागरी लक्ष्मी पूजा विधि, खुले आसमान में खीर रखने का सही समय और धन वर्षा के अचूक उपाय Read Post »

पंचांग एवं मुहूर्त

26 अक्टूबर 2026 (नई दिल्ली)

  • वार: सोमवार
  • पक्ष: कृष्ण पक्ष
  • माह: कार्तिक
  • तिथि: प्रतिपदा (दोपहर 02:46 PM तक, इसके बाद द्वितीया तिथि आरंभ)
  • विशेष: कार्तिक कृष्ण पक्ष आरंभ, कार्तिक मास का प्रथम सोमवार व्रत, तुलसी सेवा एवं आकाश दीपदान नियम
  • नक्षत्र: भरणी (रात्रि 08:18 PM तक, उपरांत कृत्तिका नक्षत्र)
  • योग: सिद्धि (प्रातः 08:45 AM तक, उपरांत व्यतीपात योग)
  • करण: कौलव (प्रातः 04:02 AM तक), तैतिल (दोपहर 02:46 PM तक, उपरांत गर)

सूर्योदय एवं सूर्यास्त

  • सूर्योदय: प्रातः 06:30 AM
  • सूर्यास्त: सायं 05:42 PM
  • चन्द्रोदय: सायं 07:28 PM
  • चन्द्रास्त: प्रातः 10:40 AM (27 अक्टूबर)
  • सूर्य राशि: तुला
  • चन्द्र राशि: मेष (अर्धरात्रि 02:48 AM, 27 अक्टूबर तक, उपरांत वृषभ)

शुभ एवं अशुभ मुहूर्त

  • अभिजीत मुहूर्त: पूर्वाह्न 11:42 AM से दोपहर 12:27 PM तक (दिन का सर्वश्रेष्ठ शुभ समय)
  • विजय मुहूर्त: दोपहर 01:56 PM से 02:41 PM तक
  • गोधूलि मुहूर्त: सायं 05:42 PM से 06:07 PM तक
  • अमृत काल: अपराह्न 03:20 PM से सायं 04:52 PM तक
  • राहुकाल (अशुभ समय): प्रातः 07:54 AM से 09:18 AM तक
  • यमगण्ड: प्रातः 10:42 AM से दोपहर 12:06 PM तक
  • गुलिक काल: दोपहर 01:30 PM से 02:54 PM तक

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पंचांग एवं मुहूर्त

25 अक्टूबर 2026 (नई दिल्ली)

  • वार: रविवार
  • पक्ष: शुक्ल पक्ष (सायं काल से कार्तिक कृष्ण पक्ष आरंभ)
  • माह: आश्विन (पूर्णिमांत अनुसार कार्तिक मास का स्नान आरंभ)
  • तिथि: पूर्णिमा (सायं 05:23 PM तक, इसके बाद कार्तिक कृष्ण प्रतिपदा आरंभ)
  • विशेष: आश्विन पूर्णिमा (स्नान-दान पूर्णिमा), महर्षि वाल्मीकि जयंती, सत्यनारायण व्रत व पूजन, कार्तिक स्नान नियम प्रारंभ
  • नक्षत्र: अश्विनी (रात्रि 09:38 PM तक, उपरांत भरणी नक्षत्र)
  • योग: वज्र (प्रातः 10:04 AM तक, उपरांत सिद्धि योग)
  • करण: बव (प्रातः 06:36 AM तक), बालव (सायं 05:23 PM तक, उपरांत कौलव)

सूर्योदय एवं सूर्यास्त

  • सूर्योदय: प्रातः 06:29 AM
  • सूर्यास्त: सायं 05:43 PM
  • चन्द्रोदय: सायं 06:41 PM
  • चन्द्रास्त: प्रातः 09:36 AM (26 अक्टूबर)
  • सूर्य राशि: तुला
  • चन्द्र राशि: मेष

शुभ एवं अशुभ मुहूर्त

  • अभिजीत मुहूर्त: पूर्वाह्न 11:43 AM से दोपहर 12:28 PM तक (दिन का सर्वश्रेष्ठ शुभ समय)
  • विजय मुहूर्त: दोपहर 01:57 PM से 02:41 PM तक
  • गोधूलि मुहूर्त: सायं 05:43 PM से 06:08 PM तक
  • अमृत काल: दोपहर 02:38 PM से 04:10 PM तक
  • राहुकाल (अशुभ समय): सायं 04:19 PM से 05:43 PM तक
  • यमगण्ड: दोपहर 12:06 PM से 01:30 PM तक
  • गुलिक काल: दोपहर 02:55 PM से सायं 04:19 PM तक

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